IFS ऑफिसर कैसे बनें? (How to Become IFS officer?)

दोस्तों आज हम बात करेंगे की IFS ऑफिसर क्या है?, IFS ऑफिसर कैसे बने? (How to Become IFS Officer?), इसका सैलरी, IFS Exam पैटर्न, उम्र सीमा तथा इसका कार्य क्या है? इन सभी के बारे में हम मैं विस्तार से अपने इस पोस्ट के माध्यम से बताने वाला हूँ।

अगर आप भी IFS ऑफिसर बनने का सपना देखते है तो हमारा यह पोस्ट ध्यानपूर्वक पढना होगा क्योकि IFS ऑफिसर बनना इतना आसान नही है। इसमें आपको अपनी कड़ी मेहनत और लगन से पढाई करनी होती है, तब जा के आपको कही सफलता मिलती है। तो चलिए आगे बढ़ते है और इसके बारे में आसानी से तथा Step by Step समझने का प्रयास करते है?

IFS क्या है? (What is IFS?)

तो चलिए, दोस्तों आगे बढ़ते है और समझने की कोशिश करते है की IFS क्या है? तो दोस्तों आपको मैं बता दू की यह हमारे भारत देश की सबसे सर्वश्रेष्ठ सरकारी पदों में से IFS पद एक है। जिसे पाना हर भारतीय युवाओ का एक सपना होता है, जिससे अपने वे देश की सेवा कर पाते है। IFS ऑफिसर इंटरनेशनल स्तर पर काम करती है, जो विदेश मंत्रालय का काम करती है। IFS अपने देश से दुसरे देश का सम्बन्ध तथा व्यापार के लिए काम करती है। IFS का काम होता है दो देशो के बिच का सम्बन्ध अच्छा रखना तथा कूटनीति, व्यापार और सांस्कृतिक को बढ़िया और सुसज्जित ढंग से चलाना होता है।

IFS Full Form

IFS का full form भारतीय विदेश सेवा (Indian Foreign Service) है। एक IFS अधिकारी के पास विदेशों में भारतीय मिशनों के प्रशासन और गतिविधियों का अधिकार होता है। एक IFS अधिकारी विदेश में भारत का राजनयिक होता है जो सरकार की विदेश नीति के निर्माण और निष्पादन और विदेशों में भारतीय मिशनों की गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होता है।

IFS ऑफिसर कैसे बनें? (How to Become IFS officer?)

IFS ऑफिसर कैसे बनें? (How to Become IFS officer?). देशभर में बहुत सारे छात्र ऐसे है जो किसी न किसी माध्यम से देश की सेवा एंव देश के लिए नाम कमाना चाहते है। वे यह भी चाहते है की अपने देश के लिए कुछ ऐसा करे की हमारे देश का नाम पुरे विश्व में हो जिससे हमारा देश अपने आप को गौरवपूर्ण महसूस कर सके। तो चलिए जानते हैं की IFS ऑफिसर कैसे बने? Step by Step IFS अधिकारी बनने के लिए निम्नलिखित चरण है।

  • IFS ऑफिसर बनने के लिए आपको सबसे पहले तो ग्रेजुएट होना चाहिए। आप ग्रेजुएट किसी भी कॉलेज या university से कर सकते है। इसमें आप किसी भी Subject की पढाई कर सकते है और इसके साथ- साथ आपको बहुत ही अच्छे नम्बरों से उतीर्ण होना होगा।

ग्रेजुएसन Complete हो जाने के बाद आपको IFS के Exam के लिए UPSC के Website पर जाकर form fill कर Apply करना होता है। IAS और IPS के साथ साथ IFS का एग्जाम UPSC द्वारा लिया जाता है। इसका आयोजन लगभग फ़रवरी या मार्च में होता है। UPSC द्वारा जो IFS का Exam ली जाती है, उसमे आपको तीन चरणों से होकर गुजरना पड़ता है। उसके बाद ही आप IFS के लिए सलेक्ट होते है, तो चलिए जानते है की वह तीन चरण कौन-कौन से है?

  • सबसे पहला चरण है प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam)
  • उसके बाद मुख्य परीक्षा (Mains Exam)
  • उसके बाद लास्ट में आता है इंटरव्यू (Interview)

प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam) | How to Become IFS Officer

अगर आप IFS ऑफिसर बनने का सपना देखते है तो सबसे पहले आपको प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam) पास करना होगा। इसमे आप को दो Paper देने होते है। पहले paper में आपको निचे दिए गए विषय से प्रश्न पूछा जाता है। जिसमे अपनी क़ाबलियत दिखाना होता है।

  • सामान्य अध्ययन,
  • इतिहास,
  • भूगोल तथा भारतीय विदेश नीति,
  • भारतीय संस्कृति,
  • भारतीय अर्थव्यवस्था और प्रौद्योगिकी,
  • करंट अफेयर्स

इसकें बाद आपको दुसरे Paper में अंग्रेजी रिजनिंग और एटीट्यूड जैसे विषय का सामना करना पड़ता है। अगर आप प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam) में अच्छे नम्बरों से पास हो जाते है तो आपको मुख्य परीक्षा (Mains Exam) में शामिल किया जाता है।

मुख्य परीक्षा (Mains Exam) | How to Become IFS Officer

जैसे ही आप प्रारम्भिक परीक्षा में उतीर्ण होते है तब आपको Mains Exam में उतीर्ण होना होता है। इसमे आपको 9 Paper का एग्जाम Clear करना पड़ता है। इसमें आपसे अन्य Subject से सवाल पूछे जाते है और आपको इसमें अपना बेस्ट देना पड़ता है। और अच्छे अंको से पास होना पड़ता है।

इंटरव्यू (Interview) | How to Become IFS Officer

IFS ऑफिसर बनने के लिए जैसे ही आप प्रारम्भिक परीक्षा तथा मुख्य परीक्षा पास करते है, तब आपको सबसे अंतिम चरण Interview का सामना करना पड़ता है। इसमें आपसे Interview के दौरान बड़े अधिकारियो द्वारा आपसे सवाल-जवाब किया जाता है। अगर आप यह Interview पास कर लेते है, तो आपको IFS ऑफिसर के लिए सेलेक्ट कर लिया जाएगा।

IFS की योग्यता क्या है? (Eligibility and Qualification)

चलिए जानते है की IFS के लिए योग्यता क्या है? IFS के लिए आपको सबसे पहले तो किसी भी महाविध्यालय से ग्रेजुएसन कम्पलीट करना होगा। अगर आपका ग्रेजुएशन कम्पलीट नहीं है, तो आप IFS के लिए आवेदन नहीं कर सकते है। जबकि आप ग्रेजुएट है तो आप IFS ऑफिसर के लिए आवेदन सरलता पूर्वक कर सकते है।

IFS ऑफिसर बनने के लिए उम्र सीमा क्या है? (IFS Officer Age Limit)

चलिए जानते है, की IFS बनने के लिए उम्र सीमा (Age Limit) क्या है? सरकार ने IFS ऑफिसर बनने के लिए प्रत्येक के लिए उम्र सीमा अलग-अलग निर्धारित की है जैसे की-

  • जनरल वर्ग के लिए सरकार ने IFS ऑफिसर बनने के लिए सरकार ने उम्र सीमा 21 से 32 वर्ष तक निर्धारित किया है।
  • जबकि OBC वर्ग के लिए सरकार ने 21से 35 वर्ष तक निर्धारित किया है।
  • वही बात करे SC & ST की तो सरकार ने इस वर्ग के लिए उम्र सीमा 21 से 37 वर्ष तक निर्धारित की है।

तो दोस्तों आपलोग समझ गए होंगे की सरकार ने प्रत्येक वर्ग के लिए IFS ऑफिसर बनने का उम्र सीमा अलग-अलग व्यवस्था की है, जो मैंने ऊपर अपने पोस्ट में बताया है।

IFS ऑफिसर की सैलरी कितनी है? (IFS Officer Salary)

IFS Officer Salary कितनी है चलिए जानते है detail में। सभी लाभों और भत्तों (allowances) सहित एक IFS Salary per month in India ₹60,000 प्रति माह है। लेकिन यह वेतन अधिकारी की पोस्टिंग के आधार पर निर्भर करता है। मतलब की चयनित अधिकारी को विदेशों में उसकी पोस्टिंग होती है तो उसे विशेष विदेशी allowances के तहत ₹2.40 लाख का वेतन मिल सकता है । फिर से यह विशेष विदेशी allowances एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में उस देश के आधार पर भिन्न होता है जिसमें वे तैनात होते हैं। यह विदेशी भत्ता उम्मीदवार के ग्रेड और स्केल के आधार पर बढ़ाया जाता है।

IFS वेतन में कौन-कौन सुविधा शामिल हैं, तथा IFS में सर्वोच्च पद कौन सा है?

IFS Officer के वेतन में DA, HRA, चिकित्सा लाभ, पेंशन, सेवानिवृत्ति लाभ और अन्य बहुत ऐसे सुविधा शामिल है। सारे सुविधा निचे निम्नलिखित है –

  • 2 या 3 BHK आवास परिवहन,
  • सुरक्षा गार्ड और घरेलू सहायक
  • आने-जाने के लिए कार,
  • चिकित्सा व्यवस्था,
  • बिजली और पानी का बिल मुफ्त,
  • फोन कॉल,
  • विदेश में अध्ययन के विकल्प,
  • पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ

IFS में सबसे ऊँचा पद राजदूत या विदेश सचिव का होता है, जो अपने आप में एक बड़ी बात है।

IFS ऑफिसर का कार्यभार क्या होता है? (Roles and Responsibility)

भारतीय विदेश मन्त्रालय के कार्यो को सुसजित रूप से चलाने के लिए एक विशेष सेवा वर्ग का निर्माण किया गया है जिसे भारतीय विदेश सेवा IFS कहते हैं। इसमे IFS ऑफिसर को –

  • संयुक्त राष्ट्र जैसे संगठनों में दूतावासों, उच्चायोगों, वाणिज्य दूतावासों और स्थायी मिशनों में भारत का प्रतिनिधित्व करना।
  • जिस देश में वह तैनात है, उस देश में भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना।
  • उक्त देश के साथ और पीआईओ/एनआरआई सहित अपने लोगों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देना।
  • पोस्टिंग के देश में विकास पर सटीक रूप से रिपोर्टिंग, जो भारत को प्रभावित करने की संभावना है।
  • उसकी पोस्टिंग के देश के अधिकारियों के साथ मुद्दों पर समझौता करना।
  • विदेशियों और विदेशों में भारतीय नागरिकों को कांसुलर सुविधाओं का विस्तार करना।
  • विदेश मंत्रालय में, अधिकारी बाहरी मामलों के सभी पहलुओं जैसे द्विपक्षीय राजनीतिक और आर्थिक कार्य, नीति प्रबंधन, बहुपक्षीय संगठन, कानूनी मामले, प्रोटोकॉल, क्षेत्रीय समूह, कांसुलर मामले, निरस्त्रीकरण, भारतीय प्रवासी, प्रेस और प्रचार के लिए जिम्मेदार होता है। , प्रशासन, आदि

आईएफएस रैंक (IFS Rank)

GradeDesignation in Field (Overseas)Designation in Headquarters (India)
Junior time scaleAttaché / Third SecretaryUnder Secretary
Senior time scaleSecond / First SecretaryUnder Secretary
Junior administrative gradeFirst SecretaryDeputy Secretary
Selection grade IVDirectorCounsellor Director
Senior administrative gradeMinister/DCM AmbassadorJoint Secretary
Ambassador/High CommissionerAdditional Secretary
Ambassador/High CommissionerSecretary

तो दोस्तों, उम्मीद है की आपको यह पोस्ट समझ में आई होगी की IFS ऑफिसर कैसे बने? (How to Become IFS Officer?), IFS full form क्या है, IFS Officer salary कितनी है, Qualification क्या है? अगर यह सब समझ में आया हो, तो इसे अपने दोस्तों शेयर जरुर करे।

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