Ashwagandha Benefits in Hindi – अश्वगंधा के फायदे, नुकसान, चूर्ण के उपयोग व सेवन की विधि।

दोस्तों, GoTrends में आपका स्वागत है। यहां आज हम Ashwagandha benefits in Hindi के बारे में चर्चा करेंगे। Ashwagandha ke fayde in Hindi के साथ, हम इसके प्रकार, इसका उपयोग कैसे करें, खुराक, कितना सेवन करें, दुष्प्रभाव और अन्य विवरणों के बारे में भी चर्चा करेंगे।

आपने अश्वगंधा (Ashwagandha) के बारे में कई बार सुना होगा। आपने अश्वगंधा के विज्ञापन टीवी या अखबारों में भी देखे होंगे। आप सोच रहे होंगे कि वास्तव में अश्वगंधा क्या है या अश्वगंधा के क्या फायदे हैं? यह वास्तव में एक जड़ी बूटी है। अश्वगंधा का इस्तेमाल कई तरह की बीमारियों में किया जाता है। क्या आप जानते हैं कि अश्वगंधा का इस्तेमाल लोगों का वजन कम करने, वीर्य विकार के इलाज और आपके शरीर को मजबूत बनाने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा अश्वगंधा के और भी फायदे हैं। हालांकि, अश्वगंधा के कई फायदों के अलावा, अश्वगंधा के नकारात्मक प्रभाव बड़ी मात्रा में सेवन करने पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

Ashwagandha ke Fayde

अश्वगंधा के विशेष स्वास्थ्य लाभों के कारण यह बहुत प्रसिद्ध हो गया है। हम आपको बताएंगे कि आप अश्वगंधा का उपयोग किन बीमारियों और तरीकों के लिए कर सकते हैं:

Table of contents

अश्‍वगंधा क्या है? (What is Ashwagandha?)

अश्वगंधा नाम अस्वा और गंध से आया है। असली अश्वगंधा की पहचान करने के लिए जब आप इसके पौधों को मसलेँगे तब घोड़े के पेशाब जैसी गंध आती है। आयुर्वेदिक वैज्ञानिक भी मानते हैं कि अश्वगंधा के सेवन से अश्व (घोड़ा) शक्ति और यौन ऊर्जा मिलती है। अश्‍वगंधा का का वानस्पतिक नाम (Botanical name) Withania somnifera (L.) Dunal (विथेनिआ सॉम्नीफेरा) Syn-Physalis somnifera Linn. है।

आयुर्वेदिक उपचार में अश्वगंधा नाम बहुत प्रसिद्ध है। अश्वगंधा का उपयोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों के इलाज के लिए सदियों से किया जाता रहा है। अश्वगंधा आवश्यक आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में से एक है। अथर्ववेद में भी अश्वगंधा के महत्व और उपयोग की चर्चा की गई है। अश्वगंधा को भारतीय पारंपरिक चिकित्सा में एक अद्भुत और तनाव-विरोधी जड़ी बूटी के रूप में माना जाता है। यही कारण है कि अश्वगंधा को उन हर्बल उपचारों में भी सूचीबद्ध किया गया है जो तनाव और चिंता विकारों के लक्षणों का इलाज करते हैं।

इस्तेमाल के लिए अश्‍वगंधा के उपयोगी हिस्से (Ashwagandha Benefits in Hindi and Useful Parts)

दोस्तों, इस्तेमाल के लिए अश्‍वगंधा के उपयोगी हिस्से (Useful Parts of Ashwagandha) कौन कौन से है? आप निचे दिए गए Ashwagandha ka paudha के हिस्से को इस्तेमाल कर सकते है।

  • पत्‍ते
  • जड़
  • फल
  • बीज

अश्‍वगंधा के फायदे (Ashwagandha Benefits in Hindi)

दोस्तों आइये Ashwagandha ke fayde in Hindi में देख लेते है। अश्वगंधा का उपयोग आयुर्वेद में अश्वगंधा की पत्तियों के साथ-साथ अश्वगंधा पाउडर (Ashwagandha powder benefits in Hindi) के रूप में किया जाता है। अश्वगंधा के लाभ अंतहीन हैं और जड़ी-बूटी के नुकसान भी हैं क्योंकि इसे चिकित्सकीय पेशेवरों की सलाह के बिना लेने से शारीरिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। आश्चर्यजनक रूप से प्रभावी अश्वगंधा का उपयोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों के लिए औषधीय रूप से किया जा सकता है, आइए इसके Ashwagandha churna ke fayde पर अधिक विस्तार से चर्चा करें।

1. सफेद बाल की समस्या में अश्वगंधा के फायदे (Use Ashwagandha Powder to Stop Gray Hair Problem in Hindi)

अश्वगंधा के फायदे (ashwagandha benefits in hindi)के वजह से सफेद बाल की समस्या दूर हो जाती है। रोजाना 2 से 4 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण (ashwagandha powder benefits in Hindi) का सेवन करें।

2. आंखों की ज्‍योति बढ़ाए अश्‍वगंधा (Ashwagandha Benefits in Hindi for Eyesight)

अश्वगंधा चूर्ण के फायदे (ashwagandha churna ke fayde) के कारण आँखों को आराम मिलता है। रोजाना 2 ग्राम अश्‍वगंधा, 2 ग्राम आंवला और 1 ग्राम मुलेठी को आपस में मिलाकर, पीसकर अश्वगंधा चूर्ण कर लें। एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण को सबह और शाम पानी के साथ सेवन करने से आंखों की रौशनी बढ़ने लगती है।

3. गले के रोग (गलगंड) में अश्वगंधा के पत्ते के फायदे (Ashwagandha Uses to Cure Goiter in Hindi)

Ashwagandha khane ke fayde के वजह से अश्वगंधा गले के रोग में लाभकारी सिद्ध होता है। अश्‍वगंधा पाउडर (ashwagandha powder benefits) तथा पुराने गुड़ को बराबार मात्रा में अच्छे से मिलाकर 1/2-1 ग्राम की वटी बना लें। और इसे सुबह-सुबह बासी जल के साथ सेवन करें। Ashwagandha ka paudha के पत्‍ते का पेस्‍ट तैयार करें। इसका गण्डमाला पर लेप करने से गलगंड में लाभ होता है।

4. टीबी रोग में अश्वगंधा चूर्ण के उपयोग (Ashwagandha Benefits in Tuberculosis (T.B.) Treatment in Hindi)

अश्वगंधा के फायदे (ashwagandha benefits in hindi) टीबी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। अश्‍वगंधा चूर्ण खाने से टीबी में लाभ होता है। अश्‍वगंधा की जड़ से चूर्ण बना हुआ और इसमें 1 ग्राम बड़ी पीपल का चूर्ण, 5 ग्राम घी और 5 ग्राम शहद मिला कर खाने से टीबी (क्षय रोग) में लाभ होता है।

5. अश्वगंधा के इस्तेमाल से खांसी का इलाज (Ashwagandha Uses in Getting Relief from Cough in Hindi)

टीबी से होने वाली खांसी में यह विशेष लाभदायक है। अश्वगंधा के फायदे खांसी से आराम दिलाने में बहुत ही मदद करता है।असगंधा के पत्तों (Ashwagandha ke patte) से तैयार 40 mg काढ़ा लें और इसमें 20 ग्राम बहेड़े का चूर्ण, 10 ग्राम कत्था चूर्ण, 5 ग्राम काली मिर्च तथा ढाई ग्राम सैंधा नमक मिला लें। इसकी 500 mg की गोलियां बना लें। इन (Ashwagandha capsule ke fayde) को चूसने से सब प्रकार की खांसी दूर होती है।

6. छाती के दर्द में अश्वगंधा के लाभ (Ashwagandha Powder Helps getting Relief from Chest Pain in Hindi)

अशवगंधा खाने से सीने के दर्द में लाभ (ashwagandha powder benefits) होता है। अश्‍वगंधा की जड़ का चूर्ण (ashwagandha churna ke fayde)2 ग्राम की मात्रा का जल के साथ नियमित सेवन करें।

7. पेट की बीमारी में अश्वगंधा चूर्ण के उपयोग (Ashwagandha Churna Cures Abdominal or Intestinal Worms in Hindi)

अश्वगंधा चूर्ण के फायदे (ashwagandha churna ke fayde) आप पेट के बहुत सारे रोगों में भी ले सकते हैं। अश्‍वगंधा चूर्ण में एक बराबर मात्रा में बहेड़ा चूर्ण मिला कर इसे 2-4 ग्राम की मात्रा में गुड़ (मीठा) के साथ सेवन करने से पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं।

8. अश्‍वगंधा चूर्ण के उपयोग से कब्‍ज की समस्या का इलाज (Ashwagandha Powder Benefits in Fighting with Constipation in Hindi)

दोस्तों, अगर किसी को कब्ज से परेशानी है तो उसे अश्वगंधा चूर्ण या अश्वगंधा पाउडर की 2 ग्राम मात्रा को गुनगुने पानी के साथ सेवन कराये। इस से कब्‍ज की परेशानी से छुटकारा मिलता है।

9. गर्भधारण करने में अश्‍वगंधा के प्रयोग से लाभ (Ashwagandha Churna Helps in Pregnancy Problem in Hindi)

  • अश्वगंधा चूर्ण के फायदे (ashwagandha churna ke fayde) गर्भावस्था की समस्या में भी पाए जाते हैं। गाय के घी में अश्वगंधा का चूर्ण मिलाएं और पुरे एक महीने तक लगातार मासिक धर्म स्नान करने के बाद प्रतिदिन 4-6 ग्राम गाय के दूध या ताजे पानी के साथ लेने से यह गर्भावस्था में सहायता करता है।
  • एक लीटर पानी में 20 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण और 250 मिलीग्राम गाय का दूध मिलाएं और इसे धीमी आंच पर तबतक पकाएं जबतक इसमें सिर्फ दूध ही बचे। इसके बाद इसमें 6 ग्राम मिश्री और 6 ग्राम गाय का घी मिलाएं। स्त्री को मासिक धर्म के तीन दिन बाद तीन दिन तक इस बनाये गए व्यंजन का सेवन करने से गर्भाधान में लाभ (ashwagandha ke fayde) हो सकता है।

10. ल्यूकोरिया के इलाज में अश्‍वगंधा से फायदा (Ashwagandha Root Benefits to Cure Leukorrhea in Hindi)

अश्वगंधा की जड़ का चूर्ण 2-4 ग्राम में मिश्री मिलाकर (ashwagandha powder benefits)। इसे गाय के दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करने से ल्यूकोरिया में लाभ होता है।

11. इंद्रिय दुर्बलता (लिंग की कमजोरी) दूर करता है अश्‍वगंधा का प्रयोग (Ashwagandha Powder Uses in Penis Weakness Problem in Hindi)

अश्वगंधा के चूर्ण को कपड़े से छान लें और उसमें उतनी ही मात्रा में खांड रख दें। एक चम्मच ताजा गाय के दूध के साथ लें और इसे सुबह भोजन से तीन घंटे पहले लें। रात में चमेली के तेल में अश्वगंधा की जड़ का बारीक चूर्ण पीसकर लिंग पर लगाने से लिंग की कमजोरी या ढीलापन दूर हो जाता है।

12. अश्वगंधा का गुम गठिया के इलाज के लिए फायदेमंद (Ashwagandha Benefits in Getting Relief from Arthritis in Hindi)

2 ग्राम अश्वगंधा का चूर्ण गर्म दूध या पानी या गाय के घी या चीनी के साथ सुबह-शाम सेवन करने से गठिया में लाभ होता है। कमर दर्द और नींद न आने की समस्या में भी यह फायदेमंद है। असगंधा के 30 ग्राम ताजे पत्तों (ashwagandha ke patte) को 250 मिलीग्राम पानी में उबाल लें। जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर पी लें। इसे एक सप्ताह तक पीने से गठिया में विशेष लाभ मिलता है।

13. चोट लगने या घाव पर करें अश्‍वगंधा का सेवन (Uses of Ashwagandha in Injury in Hindi)

चोट लगने पर अश्‍वगंधा को दूध में गुड़ या घी मिलाकर सेवन करने से बहुत लाभ होता है।

14. अश्‍वगंधा के प्रयोग से त्‍वचा रोग का इलाज (Benefits of Ashwagandha in Treating Skin Diseases in Hindi)

अश्‍वगंधा के प्रयोग (ashwagandha uses in hindi) से त्‍वचा रोग का इलाज किया जा सकता है। अश्‍वगंधा के लेप या पत्‍तों (ashwagandha ke patte) के काढ़े से धोने से त्वचा में लगने वाले कीड़े ठीक होते है। यह सूजन को दूर करने में लाभप्रद होता है।

15. अश्वगंधा के सेवन से दूर होती है शारीरिक कमजोरी (Ashwagandha Uses to Cure Body Weakness in Hindi)

असगंधा और चिरायता की जड़ को बराबर भागों में मिलाकर अच्छी तरह मिला लें। इस चूर्ण को 2-4 ग्राम सुबह-शाम दूध के साथ लेने से शरीर की कमजोरी दूर होती है।

16. रक्त विकार में अश्‍वगंधा के चूर्ण से लाभ (Benefits of Ashwagandha in Blood Related Disorder in Hindi)

अश्वगंधा चूर्ण में चोपचीनी चूर्ण या चिरायता का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाएं। इसे 3-5 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करने से खून की समस्या दूर होती है।

17. बुखार उतारने के लिए करें अश्‍वगंधा का प्रयोग (Uses of Ashwagandha in Fighting with Fever in Hindi)

2 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण और 1 ग्राम गिलोय का रस (रस) मिलाएं। इसे रोजाना शाम को गुनगुने पानी या शहद के साथ लेने से पुराना बुखार ठीक हो जाता है।

18. मधुमेह के लिए (Ashwagandha for diabetes in Hindi)

अश्वगंधा का उपयोग आयुर्वेदिक चिकित्सा में लंबे समय से शुगर के इलाज के लिए किया जाता रहा है। मधुमेह के उपचार में अश्वगंधा के उपयोग पर शोध ने सकारात्मक परिणाम के संकेत दिए हैं। प्रयोगों से पता चला है कि जब अश्वगंधा का सेवन चार सप्ताह तक किया गया, तो उपवास और दोपहर के भोजन के बाद रक्त शर्करा के स्तर में उल्लेखनीय कमी आई। कई मामलों में देखा गया है कि अश्वगंधा खाने से ब्लड शुगर लेवल कम होता है। एक टेस्ट स्टडी में देखा गया कि अश्वगंधा खाने से शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ती है और मांसपेशियों में इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ती है।

19. कामोद्दीपक गुण (Ashwagandha as Aphrodisiac in Hindi)

माना जाता है कि अश्वगंधा में सदियों से कामोत्तेजक गुण होते हैं और लोगों ने इसे अपनी जीवन शक्ति और प्रजनन क्षमता में सुधार के लिए एक दवा के रूप में इस्तेमाल किया है। एक हालिया वैज्ञानिक अध्ययन से पता चला है कि अश्वगंधा एक कामोत्तेजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और वीर्य की गुणवत्ता में भी सुधार करता है। यह पूरे शरीर में तनाव को भी कम करता है।

20. थायराइड के लिए (Ashwagandha benefits in Hindi for thyroid)

थायरॉइड ग्रंथि पर अश्वगंधा के प्रभाव पर एक case study से पता चला है कि इसकी जड़ों का अर्क अगर रोजाना लिया जाए तो थायराइड हार्मोन के स्राव (secretion) में वृद्धि होगी।

21. मांसपेशियों की शक्ति में सुधार लाने के लिए (Ashwagandha benefits in Hindi for bodybuilding)

अश्वगंधा निचले अंगों में मांसपेशियों की ताकत और कमजोरी को सुधारने में उपयोगी पाया गया है। मस्तिष्क और मांसपेशियों के बीच समन्वय (coordination) पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अध्ययनों से पता चला है कि अश्वगंधा शरीर की संरचना और ताकत को बढ़ाता है। पुरुषों में अश्वगंधा खाने से मांसपेशियां स्वस्थ होती हैं, शरीर की चर्बी कम होती है और ताकत बढ़ती है।

22. हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदे (Ashwgandha benefits in Hindi for heart)

अश्वगंधा, एंटीऑक्सिडेंट और तनाव को कम करने वाले गुणों के साथ, हृदय स्वास्थ्य समस्याओं के लिए अच्छा है। यह हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करता है। अश्वगंधा के सेवन से कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड की मात्रा कम हो जाती है, जिससे हृदय रोग की संभावना कम हो जाती है।

23. कैंसर के लिए (Ashwagandha Benefits in Hindi for cancer)

पशु और टेस्ट-ट्यूब परीक्षणों से पता चला है कि अश्वगंधा खाने से एपोप्टोसिस (apoptosis) बढ़ जाता है, जो कैंसर कोशिकाओं को मारने का एक तरीका है। यह कैंसर कोशिकाओं के विकास को भी रोक सकता है। अश्वगंधा “प्रतिक्रियाशील ऑक्सीजन प्रजातियां” पैदा करता है जो कैंसर कोशिकाओं को मारती हैं। इसके कारण, कैंसर कोशिकाएं एपोप्टोसिस से निपटने में असमर्थ होती हैं और मर जाती हैं।

24. तनाव विरोधी गुण (Ashwagandha to relieve stress in Hindi)

अश्वगंधा में तनाव कम करने वाले गुण भी होते हैं। परंपरागत रूप से, इसका उपयोग व्यक्ति पर सुखदायक और शांत प्रभाव देने के लिए किया जाता था। इस गतिविधि के लिए जिम्मेदार सक्रिय संघटक (active ingredient) अभी भी अज्ञात है, लेकिन विभिन्न शोध प्रयोगों में अश्वगंधा में तनाव-विरोधी गुण पाए गए हैं। अध्ययन के परिणामों से पता चला कि अश्वगंधा के उपयोग से अत्यधिक तापमान परिवर्तन में रखे गए जानवरों के तनाव के स्तर में भी उल्लेखनीय कमी आई है।

25. बैक्टीरियल संक्रमण में लाभ (Ashwagandha benefits in Hindi for bacterial infection relief)

आयुर्वेदिक चिकित्सा ग्रंथों के अनुसार, अश्वगंधा मनुष्यों में जीवाणु संक्रमण को नियंत्रित करने में कारगर है। भारत में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि अश्वगंधा में जीवाणुरोधी (antibacterial) गुण होते हैं और मौखिक रूप से सेवन करने पर मूत्रजननांगी, श्वसन पथ और जठरांत्र के संक्रमण में बहुत प्रभावी होते हैं।

26. कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए अश्वगंधा चूर्ण के फायदे (ashwagandha uses in Hindi to lower cholesterol)

अश्वगंधा चूर्ण का सेवन कुल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है। साथ ही, यह अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ाने में मदद कर सकता है। अश्वगंधा में हाइपोलिपिडेमिक प्रभाव होता है, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है।

27. इम्यूनिटी के लिए अश्वगंधा पाउडर खाने के फायदे (ashwagandha uses in Hindi to increase Immunity)

अगर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर नहीं होगी तो बीमारियों से लड़ना मुश्किल हो जाता है। विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, अश्वगंधा पाउडर के उपयोग से रोग प्रतिरोधक (immunity) क्षमता में सुधार हो सकता है। इसमें मौजूद इम्यूनोमॉड्यूलेटरी इफेक्ट (immunomodulatory effect) शरीर की जरूरत के हिसाब से इम्युनिटी को संशोधित कर सकता है, जिससे बीमारियों से लड़ने में मदद मिल सकती है। इसलिए माना जाता है कि अश्वगंधा रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है।

28. याददाश्त के लिए अश्वगंधा खाने के फायदे (ashwagandha uses in Hindi to boost memory)

सेहत के प्रति लापरवाही और दिनचर्या में बदलाव से दिमाग की कार्य क्षमता तेजी से प्रभावित हो सकती है। ऐसे में विभिन्न अध्ययनों में पाया गया कि अश्वगंधा मस्तिष्क के कार्य और याददाश्त पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। अश्वगंधा के सेवन से अच्छी नींद भी आ सकती है, जिससे दिमाग को आराम मिलता है और वह बेहतर तरीके से काम कर पाता है।

29. वजन कम करने के लिए अश्वगंधा खाने के फायदे (ashwagandha uses in Hindi to reduce weight)

अश्वगंधा की जड़ के अर्क के सेवन से भूख और वजन कम होता पाया गया। शोध बताते हैं कि अश्वगंधा की जड़ का अर्क तनाव के मनोवैज्ञानिक लक्षणों में सुधार कर सकता है। यह तनाव और चिंता को कम करके और खाने की लालसा को कम करके वजन कम करने में मददगार हो सकता है। आपको बता दें कि वजन कम करने के लिए आप केवल अश्वगंधा पर निर्भर नहीं रह सकते है। आपको साथ-साथ संतुलित आहार और नियमित व्यायाम और वजन घटाने के लिए योग भी करना जरूरी है।

30. एजिंग से बचाने में अश्वगंधा के लाभ (ashwagandha uses in Hindi to protect against aging)

अश्वगंधा में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। इसलिए यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। एंटीऑक्सिडेंट गुण शरीर में उत्पन्न होने वाले मुक्त कणों (free radicals) से लड़कर उम्र बढ़ने के संकेतों जैसे झुर्रियों और ढीली त्वचा से रक्षा कर सकते हैं। अश्वगंधा में मौजूद यह गुण सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों से होने वाले कैंसर से बचाने में भी मदद कर सकता है। अश्वगंधा को त्वचा के लिए फेस पैक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

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अश्वगंधा लेने से पहले की सावधानियां (Precautions Before Taking Ashwagandha)

अश्वगंधा का सेवन करने से पहले इससे जुड़ी सावधानियों के बारे में भी जानना जरूरी है, नहीं तो अश्वगंधा पाउडर के दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। वे सावधानियां क्या हैं, इसके बारे में नीचे बताया गया है।

  • अश्वगंधा बहुत गर्म होता है। इसलिए इसके अधिक सेवन से बचना चाहिए।
  • इसका सेवन अधिक समय तक नहीं करना चाहिए। किसी विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद इसकी मात्रा और खपत के समय के बारे में जरूर जान लें।
  • आंतों की समस्या वाले लोगों को इसके सेवन से बचने की सलाह दी जाती है।

अश्वगंधा का सेवन कैसे करें (How Much to Consume Ashwagandha)

अश्वगंधा के सही फायदे (ashwagandha ke fayde) पाने के लिए यह जानना जरूरी है कि अश्वगंधा का सेवन कैसे किया जाता है। अश्वगंधा के सही फायदे पाने के लिए और नुकसान से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए –

  • जड़ का चूर्ण – 2-4 ग्राम
  • काढ़ा – 10-30 मिलीग्राम

अश्वगंधा का उपयोग या इस्तेमाल कैसे करें – How to use ashwagandha in Hindi

निचे दिए गए तरीको से आप अश्वगंधा का उपयोग या इस्तेमाल (ashwagandha uses in hindi) कर सकते है।

  • अश्वगंधा से चाय बना कर रोज़ 1/4 कप पिएं।
  • अश्वगंधा और घी का मिश्रण कर 1 चम्मच दूध या पानी के साथ लें।
  • आज कल के समय में, लोग अश्वगंधा के कैप्सूल या टेबलेट लेना ज़्यादा पसंद करते हैं क्यूंकि इनका सेवन करना आसान होता है। इनकी क़्वालिटी भी अच्छी होती है और ये ज़्यादा मात्रा में और आसानी से मिल भी जाते हैं।

अश्वगंधा से नुकसान (Ashwagandha Side Effects)

दोस्तों, अश्वगंधा के फायदे के साथ-साथ कुछ नुकसान भी हैं। अगर अश्वगंधा को सही तरह से इस्तेमाल नहीं किया गया तो कुछ नुकसान भी होने के सम्भावना हो सकती है।

  • बीपी से पीड़ित लोगों को अश्वगंधा का सेवन करने से पहले डॉक्टर से बात करनी चाहिए। इसके अलावा लो बीपी वाले लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए।
  • अश्वगंधा का अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट दर्द और डायरिया जैसी समस्या हो सकती है।
  • अनिद्रा दूर करने में अश्वगंधा फायदेमंद होता है। लेकिन अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने से सेहत को नुकसान हो सकता है।
  • यदि अश्वगंधा का प्रयोग सही मात्रा में न किया जाए तो व्यक्ति को उल्टी, जी मिचलाने जैसी समस्या होने लगती है।
  • अगर मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति मधुमेह की गोलियां ले रहा है। तो उन लोगों को अश्वगंधा का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। यह शरीर में रक्त के स्तर को कम करता है।
  • अश्वगंधा का अधिक सेवन करने वाले व्यक्ति को बुखार, थकान, दर्द की समस्या होने लगती है।

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अनेक भाषाओं में अश्‍वगंधा के नाम (Ashwagandha Called in Different Languages)

  • Hindi (ashwagandha in hindi) – असगन्ध, अश्वगन्धा, पुनीर, नागोरी असगन्ध
  • English – Winter cherry (विंटर चेरी), पॉयजनस गूज्बेर्री (Poisonous gooseberry)
  • Sanskrit – वराहकर्णी, वरदा, बलदा, कुष्ठगन्धिनी, अश्वगंधा
  • Oriya – असुंध (Asugandha)
  • Urdu – असगंधनागोरी (Asgandanagori)
  • Kannada – अमनगुरा (Amangura), विरेमङड्लनागड्डी (Viremaddlnagaddi)
  • Gujarati – आसन्ध (Aasandh), घोडासोडा (Ghodasoda), असोड़ा (Asoda)
  • Tamil – चुवदिग (Chuvdig), अमुक्किरा (Amukkira), अम्कुंग (Amkulang)
  • Telugu – पैन्नेरुगड्डु (Panerugaddu), आंड्रा (Andra), अश्वगन्धी (Ashwagandhi)
  • Bengali – अश्वगन्धा (Ashwagandha)
  • Nepali – अश्वगन्धा (Ashwagandha)
  • Punjabi – असगंद (Asgand)
  • Malyalam – अमुक्कुरम (Amukkuram)
  • Marathi (ashwagandha in marathi) – असकन्धा (Askandha), टिल्लि (Tilli)
  • Arabic – तुख्मे हयात (Tukhme hayat), काकनजे हिन्दी (Kaknaje hindi)
  • Farasi – मेहरनानबरारी (Mehernanbarari), असगंध-ए-नागौरी (Ashgandh-e-nagori)

अश्‍वगंधा कहां पाया या उगाया जाता है (Where is Ashwagandha Found or Grown?)

अश्वगंधा का पौधा पूरे भारत में और विशेष रूप से शुष्क क्षेत्रों में पाया जाता है। वे अपने आप बढ़ते हैं। इसकी खेती भी की जाती है। ये जंगलों में पाए जाते हैं। अश्वगंधा के पौधे 2000-2500 मीटर की ऊंचाई तक पाए जाते हैं।

अश्वगंधा की तासीर – Ashwagandha ki taseer in Hindi

अश्वगंधा का प्रभाव क्या है? अश्वगंधा शरीर में गर्मी पैदा करता है। इसे अन्य जड़ी-बूटियों के साथ मिलाकर लेना चाहिए ताकि शरीर में अतिरिक्त गर्मी उत्पन्न न हो।

अश्वगंधा के पौष्टिक तत्व – Ashwagandha Nutritional Value in Hindi

दोस्तों, आईये अश्वगंधा के कुछ पौष्टिक तत्व भी जान ले।

पोषक तत्वअश्वगंधा पाउडर (प्रति 100 ग्राम)
मॉइस्चर7.45%
ऐश4.41g
प्रोटीन3.9 g
फैट0.3g
क्रूड फाइबर32.3g
ऊर्जा245 Kcal
कार्बोहाइड्रेट49.9 g
आयरन3.3 mg
कैल्शियम23 mg
कुल कैरोटीन75.7 µg
विटामिन-सी3.7 mg

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अश्वगंधा का चयन कैसे करें और लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?

  • अगर आप अश्वगंधा को लंबे समय तक सुरक्षित रखना चाहते हैं तो हमेशा इसकी जड़ ही खरीदें।
  • अगर आप इसे एक या दो महीने में इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आप अश्वगंधा पाउडर भी खरीद सकते हैं। बैद्यनाथ और पतंजलि अश्वगंधा पाउडर बाजार में काफी लोकप्रिय है।
  • इसे खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि कहीं उसमें फंगस तो नहीं है।
  • हमेशा पूरी तरह से सूखे अश्वगंधा की जड़ ही खरीदें।
  • अश्वगंधा खरीदने के बाद इसे किसी एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रख लीजिये. यह इसे नमी से दूर रखता है।
  • अगर एयर टाइट कंटेनर नहीं है तो अश्वगंधा को ज़िप बैग में भी रखा जा सकता है।
  • अगर अश्वगंधा को एक या दो महीने में इस्तेमाल करना है तो आप इसका पाउडर बनाकर किसी एयर टाइट कन्टेनर या बैग में भरकर रख सकते हैं.

अश्वगंधा का पाउडर बनाने की विधि

  • सबसे पहले अश्वगंधा की जड़ को धूप में रख कर सुखा लें। उसके बाद अगर उसमें नमी होगी तो वह निकल जाएगी।
  • अब देखिए अश्वगंधा की जड़ का आकार कितना बड़ा होता है। अगर जड़ बहुत बड़ी लग रही है, तो इसे दो या तीन टुकड़ों में काट लें।
  • फिर इसे मिक्सी में डाल कर बारीक पीस लें।
  • अगर घर में इमाम दस्ता है तो आप उसमें अश्वगंधा की जड़ों को पीसकर चूर्ण बना सकते हैं।
  • अश्वगंधा पाउडर बनकर तैयार होने के बाद इसे एक एयर टाइट कंटेनर में भरकर रख लीजिए.

अश्वगंधा कहां से खरीदें?

अश्वगंधा को स्थानीय बाजार से खरीदा जा सकता है। यह आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की दुकानों पर आसानी से मिल जाता है। आजकल बड़े किराना स्टोर भी अश्वगंधा पाउडर और उसकी जड़ के पैकेट रखते हैं। इसके अलावा अश्वगंधा को ऑनलाइन (Amazon, Flipkart, etc) भी खरीदा जा सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

प्रकृति ने हमें कई सारे अनमोल उपहार दिए हैं और अश्वगंधा उनमें से एक है। अश्वगंधा का सेवन आप हर तरह की बीमारियों से बचने, शरीर की ताकत बढ़ाने और वजन को नियंत्रित करने के लिए कर सकते हैं। इसके साथ ही यह दवा जवां और खूबसूरत दिखने में भी मदद कर सकती है। बेशक, यह एक गुणकारी औषधि है, लेकिन इसका लंबे समय तक उपयोग हानिकारक हो सकता है। इस कारण विशेषज्ञ से इसकी मात्रा और कितनी देर तक पूछकर ही इसका सेवन शुरू करें।

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Raj Srivastava

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